kavya-sankalan ..
कविताओं का आंशिक संकलन ..
Tuesday, May 4, 2010
मैं देख रहा था / उर्जा व उत्साह / गज़ब का / उछलते .. कूदते / बछड़े का / और / मैं देख रहा था / पास ही / चुपचाप खड़ी थी / एक गाय / जिसे देखकर / मैं सोच रहा था / संजीदा / गंभीर / परिपक्व / अपनेपन / जैसे शब्दों के बारे में ..
मुझे अच्छी नहीं लगती यात्रा ..
चलते हुए / लोग / मिलते हैं / और / फिर / बिछुड़ जाते हैं / इसलिये / मुझे / अच्छी नहीं लगती / यात्रा ..
( पुस्तक - मैं सोच रहा था, से )
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)