Sunday, May 6, 2012

रोज की तरह
आज भी
सुबह होते ही
लग गया हूं
फिर से
इंसानियत खोजने ..

Thursday, March 8, 2012

मैं सोच रहा था ..

मेरी कविताएं
उनके लिये नहीं हैं
जो
देखते हैं - ख्वाब
पानी में
चलने का ..
(पृष्ठ 83 / पुस्तक - मैं सोच रहा था से )

Friday, February 25, 2011

मैं सोच रहा था ..

आज का दिन / फिर कहलाएगा .. कल .. बीता हुआ दिन /
और .. / आने वाला कल .. कहलायेगा .. फिर .. आज का दिन / मैं सोच रहा था ..
( 05.10 PM / 25 Feb 2011 )

मैं सोच रहा था ..

कि / दिक्कत / सपने देखने में नहीं है / उसे पूरा करने में है / मैं सोच रहा था .. / लेकिन / ज़िद भी तो कुछ है / मैं सोच रहा था .. / ( 5.00 PM / 25 Feb 2011) /

Tuesday, December 21, 2010

प्याज ..

प्याज काटने से आंसू निकलते हैं / जनाब .. मेरे तो प्याज खरीदने में भी आंसू निकलते हैं / वे आपस में बातें कर रहे थे / मैं सुन रहा था / मैं सोच रहा था ..

Friday, December 3, 2010

कविताएं .. पुरानी .. बहुत पुरानी ..

(1)
कुत्ते को
सिखातो हो
अच्छा करते हो
कुत्ता तो कुत्ता है
शेर
कभी नहीं
हो सकता
क्या
यह भी
याद रखते हो ..


(2)
अपेक्षा किसी से
अपेक्षा एक दूसरे से
सौदा पूर्वाग्रह से

अपेक्षा न किसी से
न ही एक दूसरे से
दोस्ती पूर्वाग्रह से


(3)
कुछ देखा तो था ..
लेकिन
यह क्या
वह तो बदल गया ..

फिर से ..

अब
फिर से बदल गया ..

सभी तो नहीं
लेकिन
फिर भी
तेजी से बदल गया ..

शरीर तो नहीं
लेकिन
रंग ..
सिर्फ रंग ..
तेजी से ..
बदलता
चला गया ..

वह
गिरगिट
था ..

किसी को
देखकर
उसकी याद
आ गई ..

Tuesday, November 30, 2010

मैं सोच रहा था ..

To have a better vision of the Future .. it is better to avoid the hang over of the past .. मैंने कहीं पढ़ा था / मैं सोच रहा था .. / कि / किसी दूसरे स्टेशन पर पहुंचने के लिये / एक स्टेशन को तो छोड़ना ही पड़ता है ..