वे अवसर खोते हैं / और / फिर / करते हैं / ज़िंदगी / से शिकवा / और / भूलते हैं / कि / हौसले की कमी थी / किस्मत की बातें तो / फ़िजूल / की हैं / कोई काम करते हुए / मैं सोच रहा था ..
यह / जानते / और / समझते हुए भी /
कि /
EGO /
कई फसादों की जड़ है /
लोग /
इसे /
कपड़े की तरह /
अपने से चिपकाए / चलते हैं .. /
मैं सोच रहा था ..