kavya-sankalan ..
कविताओं का आंशिक संकलन ..
Thursday, March 8, 2012
मैं सोच रहा था ..
मेरी कविताएं
उनके लिये नहीं हैं
जो
देखते हैं - ख्वाब
पानी में
चलने का ..
(पृष्ठ 83 / पुस्तक - मैं सोच रहा था से )
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