Friday, November 26, 2010

मैं सोच रहा था ..

कि / फटे हुए कोट से / विद्वता / बाहर झांक रही है .. / या कि / बाहर की मूखर्ता / अन्दर / झांक रही है .. / मैंने कहीं पढ़ा था .. / पढ़कर / मैं सोच रहा था ..

Saturday, July 24, 2010

अवसर / ज़िंदगी / किस्मत ..

वे अवसर खोते हैं / और / फिर / करते हैं / ज़िंदगी / से शिकवा / और / भूलते हैं / कि / हौसले की कमी थी / किस्मत की बातें तो / फ़िजूल / की हैं / कोई काम करते हुए / मैं सोच रहा था ..

Tuesday, July 20, 2010

ईगो ..

यह / जानते / और / समझते हुए भी / कि / EGO / कई फसादों की जड़ है / लोग / इसे / कपड़े की तरह / अपने से चिपकाए / चलते हैं .. / मैं सोच रहा था ..

Tuesday, May 4, 2010

मैं देख रहा था / उर्जा व उत्साह / गज़ब का / उछलते .. कूदते / बछड़े का / और / मैं देख रहा था / पास ही / चुपचाप खड़ी थी / एक गाय / जिसे देखकर / मैं सोच रहा था / संजीदा / गंभीर / परिपक्व / अपनेपन / जैसे शब्दों के बारे में ..

मुझे अच्छी नहीं लगती यात्रा ..

चलते हुए / लोग / मिलते हैं / और / फिर / बिछुड़ जाते हैं / इसलिये / मुझे / अच्छी नहीं लगती / यात्रा .. ( पुस्तक - मैं सोच रहा था, से )

Tuesday, March 2, 2010


मैं खुश हूं
बाहर से
कि
मन
क्या सोचता है
यह तो
केवल मन ही जानता है ..
मुझे दुख था ..
मैं सोच रहा था ..
मैं खुश था ..
मैं सोच रहा था ..
कोई कह रहा था
कि
अहसान
नहीं लेना ही ठीक है ..
कि
इसके पीछे
हुकूमत
की मंशा
तो नहीं ..
सुनकर
मैं सोच रहा था ..